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सप्ताह का विचार
जो भारी कोलाहल में भी संगीत को सुन सकता है, वह महान उपलब्धि को प्राप्त करता है।
21/03/2010 08:39:54
डॉ. विक्रम साराभाई
उठो आगे बढ़ो, असफलता गिरने में नहीं, असफलता तो हार मान लेने में है।
20/03/2010 08:39:54
रामायण समस्त मनुष्य जाति को अनिर्वचनीय सुख और शांति पहुँचाने का साधन है।
19/03/2010 08:39:54
मदनमोहन मालवीय
जल में मीन का मौन है, पृथ्वी पर पशुओं का कोलाहल और आकाश में पंछियों का संगीत पर मनुष्य में जल का मौन पृथ्वी का कोलाहल और आकाश का संगीत सबकुछ है।
18/03/2010 08:39:54
रवींद्रनाथ ठाकुर
महान व्यक्ति महत्वाकांक्षा के प्रेम से बहुत अधिक आकर्षित होते हैं।
17/03/2010 08:39:54
प्रेमचंद
कर्म इतने ऊँचे करो कि दुनिया में आपका नाम अमर हो जाये। लोगों के दिलों पर आपका नाम लिखा जाये, पत्थर पर लिखा नाम तो मिट जायेगा।
16/03/2010 08:39:54
खाओ बादशाहों की तरह, सोओ राजकुमारों की तरह,काम करो मजदूरो की तरह।
15/03/2010 08:39:54
महान वह नहीं है जिसने अस्त्र
14/03/2010 08:39:54
शस्त्र अथवा शक्ति से दूसरों के अधिकारों व किसी वस्तु पर प्रभुत्व किया है। अपितु महान वह है जिसके पास क्षमा, दया, करुणा व मैत्री भाव है।
जो ग्राहक से धोखा करता है, वह अपने आप से धोखा करता है।
13/03/2010 08:39:54
निंदा से बचने को अचूक एवं शीघ्र इलाज स्वयं को सुधार लेना ही है।
12/03/2010 08:39:54