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विज्ञान

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 रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
5/17/2015 7:17:00 AM
सीधी खरी बात देश में राजग जहाँ केंद्र में सत्तारूढ़ होने की पहली वर्षगांठ धूमधाम से मनाने की तैयारी करने में लगा हुआ है वहीं इस सबके बीच केंद्रीय सूचना आयोग के बारे में जिस
रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
 गीत कलश (दीपक भारतदीप)
5/16/2015 8:48:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की शब्द प्रकाश-पत्रिका भूखों को भरपेट भोजन कौन खिला रहा है। वही जो दान और चंदे के सहारे खड़े पेड़ों पर चढ़कर उनको हिला रहा है। कहें दीपक बापू
गीत कलश (दीपक भारतदीप)
 PRAVAKTA प्रवक्‍ता (डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री)
5/16/2015 1:04:16 PM
डॉ कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री प्रवक्‍ता.कॉम डॉ कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों कराची में मुस्लिम कट्टरपंथियों ने एक बस रोक कर उसमें सवार लोगों की निर्मम हत्या कर दी । उनका दोष केवल
PRAVAKTA प्रवक्‍ता (डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री)
 PRAVAKTA प्रवक्‍ता (प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो)
5/16/2015 12:57:15 PM
प्रवक्‍ता.कॉम अशोक प्रवृद्ध मानव की शारीरिक मानसिक तथा आत्मिक उन्नति के लिए जन्म से मृत्युपर्यन्त भिन्न-भिन्न समय पर अलग-अलग संस्कारों की व्यवस्था
PRAVAKTA प्रवक्‍ता (प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो)
 रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
5/16/2015 7:57:05 AM
सीधी खरी बात सोशल मीडिया के आने के बाद से जहाँ आम और ख़ास लोगों को अभिव्यक्ति की आपार स्वतंत्रता मिल गयी है वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों द्वारा जिस तरह से अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों
रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
 देसिल बयना (दीपक भारतदीप)
5/15/2015 9:57:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की हिंदी एक्सप्रेस पत्रिका तन से टूटे मन से रूठे धन उनके पास नहीं है। आंख और कान का संयोग जब बुद्धि से टूटे समझो जिंदगी में तरक्की की कोई आस नहीं
देसिल बयना (दीपक भारतदीप)
 दीपक भारतदीप की सिंधु केसरी पत्रिका दीपक Bharatdeep कि सिंधु kesari Epatrka (दीपक भारतदीप)
5/15/2015 7:59:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की हिन्दी-पत्रिका अपने घर में पेड़ पोद्ये कुचलकर गैरों से बहार लाने की आशा करते हैं। बढ़ाते नहीं मनोबल अपने ही साथियों का गिरते हैं जमीन पर उनसे
दीपक भारतदीप की सिंधु केसरी पत्रिका दीपक Bharatdeep कि सिंधु kesari Epatrka (दीपक भारतदीप)
शब्दलेख सारथी (दीपक भारतदीप)
5/15/2015 8:44:00 AM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की शब्दलेख सारथी-पत्रिका सकता है-हिन्दी चिंत्तन लेख भारतीय प्रधानमंत्री श्रीनरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान राजनीतिक विषयों
शब्दलेख सारथी (दीपक भारतदीप)
 रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
5/15/2015 7:04:45 AM
सीधी खरी बात पूरी दुनिया के बाज़ारों का दबाव किस तरह से किसी भी सरकार पर पड़ सकता है इसका ताज़ा उदाहरण देश में मोदी सरकार द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा को
रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
अनंत शब्दयोग (दीपक भारतदीप)
5/14/2015 8:40:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की अनंत शब्दयोग पत्रिका पहले अपने दर्द का निवारण लोग कर पायें तभी तो दूसरे की व्यथा पर नज़र डालें। दिल और दिमाग से बीमार हो चुका ज़माना पहले लोग अपनी
अनंत शब्दयोग (दीपक भारतदीप)
           (वीरेन्द्र जैन)
5/13/2015 9:10:00 PM
वीरेन्द्र जैन नेपथ्यलीला वीरेन्द्र जैन 2013 के पहले छह महीने तक दुनिया में किसी को यह भरोसा नहीं था कि श्री नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री
(वीरेन्द्र जैन)
दीपक भारतदीप का चिंतन (दीपक भारतदीप)
5/13/2015 9:07:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप का चिंतन लेख भारतीय अध्यात्मिक दर्शन और पाश्चात्य अर्थशास्त्र के अनुसार जब मनुष्य स्वयं जनसंख्या पर नियंत्रण नहीं करता
दीपक भारतदीप का चिंतन (दीपक भारतदीप)
 रायटोक्रेट कुमारेन्द्र (राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर = RAJA Kumarendra Singh Sengar)
5/13/2015 8:29:00 AM
राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर रायटोक्रेट कुमारेन्द्र मानवीय मन किस कदर परिवर्तनशील और किस कदर संशयकारी है इसका ज्वलंत उदाहरण न्यायालयों द्वारा अभी हाल में सलमान खान और जयललिता के सम्बन्ध
रायटोक्रेट कुमारेन्द्र (राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर = RAJA Kumarendra Singh Sengar)
 राजलेख की हिंदी पत्रिका (दीपक भारतदीप)
5/12/2015 9:27:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की राजलेख-पत्रिका प्रतिदिन भूकंप से धरती माता को हिलना ही है। भौतिक विकास के सज रहे कांटों पर नैतिक विनाश का गुलाब खिलना ही है। कहें दीपक बापू
राजलेख की हिंदी पत्रिका (दीपक भारतदीप)
 देसिल बयना (दीपक भारतदीप)
5/12/2015 9:01:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की हिंदी एक्सप्रेस पत्रिका लेख मनुष्य में भय की प्रवृत्ति स्वाभाविक रूप से रहती है। न केवल उसे मुत्यु का वरन् भूखे लगने
देसिल बयना (दीपक भारतदीप)
 रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
5/12/2015 7:23:57 AM
सीधी खरी बात देश के तेज़ी से बढ़ते हुए दवा बाज़ार में लगातार मरीज़ों के लिए कुछ अच्छी ख़बरें भी समय समय पर आती रहती हैं पर उन ख़बरों का दवाओं के वास्तविक मूल्य पर क्या असर पड़ता है
रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
 माई ग्रे Expressions (दीपक भारतदीप)
5/11/2015 9:46:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की हिन्द केसरी पत्रिका यह समस्त ब्लॉग-पत्रिकाओं का संग्रहक ऊंचाई पर पहुंच जाते चालाकियों के सहारे से फिर नीचे गिरने से डरते हैं। नीचे खड़ा
माई ग्रे Expressions (दीपक भारतदीप)
राजलेख की हिंदी पत्रिका (दीपक भारतदीप)
5/11/2015 9:09:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की शब्दयोग सारथी-पत्रिका मनुष्य का अगर शब्दिक अर्थ समझना चाहें तो यह मन तथा उष्मा का मेल लगता है। इस संसार में जितने भी जीव
राजलेख की हिंदी पत्रिका (दीपक भारतदीप)
 रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
5/11/2015 7:39:49 AM
सीधी खरी बात भले ही हम भारतीय अपने को कितना ही आधुनिक और प्रगतिशील बताने से नहीं चूकते हों पर आज भी समाज में बहुत सारे ऐसे पूर्वाग्रह और कुरीतियां मौजूद हैं जिनके चलते सदैव देश की
रे Starting (Dr Ashutosh Shukla)
दीपक भारतदीप की अभिव्यक्ति पत्रिका आदमी के जिंदगी का भटकाव-हिंदी शायरी (दीपक भारतदीप)
5/10/2015 9:49:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की अभिव्यक्ति पत्रिका सपना सभी का होता है मगर राज सिंहासन तक चतुर ही पहुंच पाते हैं। बादशाहों की काबलियत पर सवाल उठाना बेकार हैं दरबार
दीपक भारतदीप की अभिव्यक्ति पत्रिका आदमी के जिंदगी का भटकाव-हिंदी शायरी (दीपक भारतदीप)
दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका (दीपक भारतदीप)
5/10/2015 5:40:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका राजपद पर विराजे इंसान अपनी प्रतिष्ठा के मद में बह जाते हैं। सवालों के जवाब में विनम्र शब्द भी चेतावनी की भाषा में कह
दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका (दीपक भारतदीप)
दीपक भारतदीप की  शब्दज्ञान- पत्रिका (दीपक भारतदीप)
5/9/2015 10:28:00 PM
दीपक भारतदीप दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान पत्रिका आम इंसानों को हुकुमत के कायदे पर ही चलना चाहिये। हुकुम का मुंह पकड़े अपनी ताकत से ऐश के लिये इंसान या जानवर का करते शिकार
दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान- पत्रिका (दीपक भारतदीप)
 (Rajeeva Khandelwal)
5/9/2015 2:56:00 PM
आंदोलन में कमी सलमान खान के हिट एंड़ रन मामले में आये निर्णय के झरोखे से यदि न्याय की उक्त अवधारणा को देखा जाय तो लगभग 13 साल बाद एक बिग सेलिब्रिटी
(Rajeeva Khandelwal)
 (Rajeeva Khandelwal)
5/9/2015 2:54:00 PM
में कमी राजीव खण्डेलवाल सलमान खान के हिट एंड़ रन मामले में आये निर्णय के झरोखे से यदि न्याय की उक्त अवधारणा को देखा जाय तो लगभग 13 साल बाद एक बिग
(Rajeeva Khandelwal)
 (Rajeeva Khandelwal)
5/9/2015 2:33:00 PM
अपराध की नई परिभाषा कुमार विश्वास के कुमार पर पूर्ण विश्वास लेकिन राजीव खण्डेलवाल हमारे देश भारत में हर कुछ सम्भव है। मीडिया भी किसी भी तथ्य को वास्तविक घटना का रूप देने में पूर्णतः सक्षम है फिर चाहे वह
(Rajeeva Khandelwal)
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