5/8/2013 8:59:00 PM
हिंदी सबके लिए प्रतिभा मलिक हिंदी सबके लिए एक लंबा उबाऊ अंतराल...सभी कुछ ठहर सा गया है यह ठहराव अभी भी लगातार जारी है । जब गंभीरता से अपने बारे में सोचता हूँ तो स्वयं को बेहद निराशावादी
(हिंदी सबके लिए : प्रतिभा मलिक Hindi for All by Prathibha Malik)